संज्ञा | SANGYA Part-2 | NOUN | BY SURAJ SIR

इस विषय का PDF डाउनलोड करें : DOWNLOAD NOW

संज्ञा और उसके भेद

प्रयोग के आधार पर शब्द भेद

1. विकारी शब्द

2. अविकारी शब्द

संज्ञा – किसी व्यक्ति, वस्तु , प्राणी , भाव व स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं ;

व्यक्तिवाचक संज्ञा – जो शब्द किसी विशेष एवं निश्चित व्यक्ति , स्थान या वस्तु का बोध कराते हैं , उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं |

जातिवाचक संज्ञा – जो संज्ञा शब्द किसी प्राणी पदार्थ , या समूह की जाति का बोध कराते हैं , वे शब्द जातिवाचक संज्ञा कहलाते हैं | व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग कभी – कभी किसी विशेष व्यक्ति के गुणों के कारण व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग जातिवाचक के रूप में होता है | किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम के गुणों का प्रयोग दूसरे व्यक्तियों के लिए किया जाता है तो यहाँ संज्ञा व्यक्तिवाचक न होकर जातिवाचक बन जाती है |

द्रव्यवाचक संज्ञा – वे संज्ञा शब्द जो ऐसे पदार्थों या द्रव्यों का बोध करवाते हैं जिनसे वस्तुएँ बनती हैं एवं उनका माप तोल किया जा सकता है , उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं |

समूहवाचक संज्ञा – वे संज्ञा शब्द जो किसी समूह या समूदाय का बोध करवाते हैं , उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं |

भाववाचक संज्ञा – जिन संज्ञा शब्दों से किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण ,शील, दशा , अवस्था , दोष , धर्म आदि का बोध होता है , उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं | भाववाचक संज्ञा शब्दों का जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग

1. भाववाचक संज्ञाएँ एकवचन में प्रयुक्त होती है लेकिन जब उनका प्रयोग बहुवचन में किया जाता है तो वे जातिवाचक बन जाती है |

2 भाववाचक संज्ञा से उन गुणों का बोध होता है , जिनका अनुभव हमारा मन या ह्रदय कर सकता है ,किन्तु हम उन्हें न तो स्पर्श कर सकते हैं , न देख सकते हैं |

Download our Android App For Regular Test Series Click Here

Join Our Telegram For New Update: https://t.me/ATULYRAS